ॐ महागणपते नमोऽस्तु ते
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता , पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
याद रखना भी हिम्मत का काम है, क्यूंकि भूल जाना तो आजकल आम है !!
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा
ज़ारो चेहरों में एक तुम दिल को अच्छे लगे, वरना ना चाहत की कमी थी ना चाहने वालो की.
साथ साथ धूमते है, हम दोनो रात भर..! लोग मुझे आवारा, और उसे चाँद कहते है..!
पहले तुम ही दुनिया लगते थे.. अब तुम भी दुनिया निकले..!!
अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!
उसकी मोहबत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन ,दिल करता है के उम्र भर उसका इंतज़ार करू !
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
मुद्दतें हो गईं हैं चुप रहते , कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते
Loneliness is a good feeling when it is created by yourself, but.. it is the worst feeling when it is Gifted by others.
कर दिया न फिर से तन्हा, कसम तो ऐसे दी थी जैसे तुम सिर्फ मेरे हो !!
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
ख्वाहिश थी उस रिश्ते को बचाने की… और बस इक यही वजह थी मेरे हार जाने की…
ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!
मोत से पहेले भी ऎक मौत होती हे..! देखो जरा तुम जुदा होकर किसी से..!
माना कि तुझसे दूरियां, कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं, पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है |
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
Sometimes it's good to be alone, it teaches you how to be more independent.
ना साथ है किसी का, ना सहारा है कोई, ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई.
जबरदस्ती की नजदीकियों से सुकून की दूरियां ही अच्छी हैं.!
I hate getting flashbacks from things I dont wanna remember.
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
my “okay” will never be okay
दिल तक पहुँचने का रास्ता, वफ़ा के समंदर से होकर गुजरता है। हर लहर पे नाव बदलने वाले, मंजिल तक नही पहुँचा करते…
Maybe i should learn not to get too attached.
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता