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हौसले 💪 का सबूत देना था, इसलिए ठोकर खाकर भी मुस्कुरा 😊 पड़े.

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!

The scariest thing about distance is that you don't know whether they'll miss you or forget you.

I don’t really have feelings until night time and then I get sad about everything.

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.

वादों की तरह इश्क भी आधा रहा, मुलाकातें कम रही इंतजार ज्यादा रहा.

अकेली रात 🌃 बोलती बहुत है, लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला 😟 हो |

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

Please call me, I miss your voice

It scares me how temporary everything is

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

कुछ भी झूठ हो सकता है, मगर अकेले में बहाए आँसू नहीं.

जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...

दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन,ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

Some things will never go back to the way they used to be. No matter how much you miss them.

अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....

उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है

रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

sadly, i'm not enough for the person who i considered my everything

सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने

वो वक़्त कुछ और था, वो इश्क़ का दौर था, ये वक़्त कुछ और है, ये ख्वाहिशों का दौर है.!

खुश तो वो रहते हैं जो जिस्मो से खेलते हैं , रूह से मोहब्बत करने वालो को अक्सर तड़पते देखा है

When she ignores you, thats when you need to talk to her the most.

काश तुम्हें भी पता होता, तुम्हारे बगैर दिन कितना बुरा गुजरता है.

खुद से बातें करने लगी हूँ, वैसे भी आजकल लोग सुनते कहाँ हैं ,

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.

परेशान करते थे मेरे सवाल तुमको.. तो बताओ पसंद आयी खामोशी मेरी....

खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा

कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं