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शर्त घोड़ो पर लगाई जाती हैं, शेरों पर नहीं..!

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

मुद्दतें हो गईं हैं चुप रहते , कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते

कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न

कभी सोचा नहीं था, वो भी मुझे तनहा 🥺 कर जाएगी, जो परेशान देख कर अक्सर कहती थी, मैं हूँ ना... ❤️

ना साथ है किसी का, ना सहारा है कोई, ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई.

कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं

overthinking is my partner at night

जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...

कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️

दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.

वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

सच्ची महोब्बत करने वाले इंसान के नसीब में सिर्फ तन्हाई लिखी होती है।

i am scared of getting too close to anyone because those who said that they will always be there for me.

एक खता रोज कर रहे हम, जो मिलेगा नहीं उसी पर मर रहे है हम.

जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...

I am okay & not okay at the same time

माना कि तुझसे दूरियां, कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं, पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है |

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी,कुछ चलते फिरते से है हम।

जिंदगी देने वाले , मरता छोड़ गये, अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये, जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की, वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये”

सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे

वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया , जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

फैसला ! नहीं हो पा रहा, तनहा ! रात है या मै ...

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं , कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से, दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया!!❤️

हम खुद से बिछड़े हुये लोग हैं, तुमसे क्या मिल पायेंगे |

everyone leaves in the end anyway

कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.