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"मेहनत इतनी ख़ामोशी से करो ! कि सफलता शोर मचा दें !!"

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

मुझे छोड़ने की वजह तो बता देते मुझसे नाराज़ थे या मुझ जैसे हज़ार थे

बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...

ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...

आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....

Dont cry over someone who wouldnt cry over you.

अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये

Sometimes it's good to be alone, it teaches you how to be more independent.

हँसते हुए चेहरों को ग़मो से आजाद ना समझो, मुस्कुराहट की पनाहों मे हजारों दर्द होते है..!!

प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की , हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है

Dear Feelings, i need you to move on.

i hate it when i can't control my tears

क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।

लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

Tired, sad and overthinking

सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |

उदास छोड़ गया वो मुझको , खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!

खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा

वो वक़्त कुछ और था, वो इश्क़ का दौर था, ये वक़्त कुछ और है, ये ख्वाहिशों का दौर है.!

Saying that you're okay is much easier rather than explaining all the reasons why you're not .

वक़्त गूंगा नहीं, बस मौन हैं, वक़्त आने पर बता देता हैं की किसका कौन हैं...

वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......

वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था , वो लफ्जों मे ढूढते रहे

हर रोज तेरी यादों का हिसाब कर लेता हूं, मैं थोड़ा हंस लेता हूं; थोड़ा रो लेता हूं मैं ||

तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है , पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !

I dont know which I would rather believe. That you never did care or that you eventually stopped.

सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |

क्यूँ नहीं महसूस होती उसे मेरी तकलीफ़ जो कहते थे बहुत अच्छे से जानते है तुझे

रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा