मित्रता अनावश्यक है, दर्शन और कला की तरह…इसके जीवन का कोई महत्त्व नहीं है; बल्कि ये उन चीजों में है जो जीवन को महत्त्व देती हैं.
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
What you see isn’t always the whole truth.
मालूम है मुझे की ये मुमकिन नहीं मगर 😍 एक आस सी रहती है कि तुम याद करोगे मुझें 😌
it's hard for me to stay away from you
तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है,ना कोई बात सुनता है .....
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!😒
मैंने उस शख्स को कभी हासिल ही नहीं किया, फिर भी हर लम्हा लगता है कि मैंने उसे खो दिया…..!
It scares me how temporary everything is
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें , जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
अनुभव कहता है, खामोशियाँ ही बेहतर है. शब्दो से लोग रूठते बहुत है।
आज परछाई🗣️👥से पूछ ही लिया, क्यों चलती हो मेरे साथ🚶…उसने भी हँस के😁कहा, दूसरा कौन है तेरे साथ…!!
जिंदगी भर के लिये रूठ के जाने वाले, मैं अभी तक तेरी तस्वीर लिये बैठा हूँ.😥😥
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है
im sorry, im really sorry for being me
I just want to stop thinking and sleep.
ना शाखों ने जगह दी ,, ना हवाओं ने बख्शा..! मैं हूँ टुटा हुआ पत्ता . आवारा ना बनता तो क्या करता
Its better to just quietly miss someone rather than let them know and just get no response.
दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं
Sometimes I hate getting close to people because I think they will just walk out of my life no matter how close we are.
Why do people keep on hurting me like I'm one of their toys?
मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना, बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने!!
I dont know which I would rather believe. That you never did care or that you eventually stopped.
Dont cry over someone who wouldnt cry over you.
तेरी मुस्कान, तेरा लहज़ा, और तेरे मासूम से अल्फाज़..और क्या कहूँ... बस बहुत याद आते हो तुम..
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
कभी कभी नाराजगी, दूसरों से ज्यादा खुद से होती है।😊
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
Sometimes You need to stand alone to find out who you really are..
रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..