प्रिय पुत्र, जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! तुम्हारी मुस्कान हमारे घर को रोशन करती है। तुम हमेशा स्वस्थ, सुखी और सफल रहो, यही हमारी कामना है। 🎂🌟💙
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
I just want to stop thinking and sleep.
ऐ दिल तू क्यों रोता है , ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.
नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं, कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !
जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.
कैसे कह देते हैं लोग रात गई बात गई, यहां जमाने गुज़र जाते हैं दिल पर लगी बात को भुलाने में |
आज कल लोगो को अपना प्यार भी, Free_Time पर याद आता हैं !! 💯
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...
Sometimes i wish i could just literally sleep the whole day so i don't have to deal with life and all its crap.
"मुझे ये ❤ दिल कि बीमारी ना होती अगर तू इतनी #प्यारी ना होती..."
वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से, दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया!!❤️
इश्क़ कभी झूठा नहीं होता, झूठे तो बस कसमे और वादे होते है !!
बहुत लड़ी मैं तुमसे पर तुम्हारी यादों से हार गई |
मैंने उस शख्स को कभी हासिल ही नहीं किया, फिर भी हर लम्हा लगता है कि, मैंने उसे खो दिया…..
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
अक्सर अकेलेपन से वही गुजरता है जो जिंदगी में सही फैसलों को चुनता है 💯💯
“You told me I was perfect, but you still left. I should have known my perfect wouldn’t be good enough.”
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
Silence is better than explaining
उसको मालूम तो हैं मेरे हालातो के बारे मे, फिर खैरियत पूछकर मेरी मुश्किलें क्यों बढ़ाते हैं |
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
वादों की तरह इश्क भी आधा रहा, मुलाकातें कम रही इंतजार ज्यादा रहा.
क़ाश कोई ऐसा हो, जो गले लगा कर कहे…!! तेरे दर्द से मुझे भी तकलीफ होती है
तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है , पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !
चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है,मजबूरी नहीं।
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी