ना शाखों ने जगह दी ,, ना हवाओं ने बख्शा..! मैं हूँ टुटा हुआ पत्ता . आवारा ना बनता तो क्या करता
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
''Never search your happiness in other , it will makes you feel none search it in yourself you will feel happy even when you are left alone''
तेरी मुस्कान, तेरा लहज़ा, और तेरे मासूम से अल्फाज़..और क्या कहूँ... बस बहुत याद आते हो तुम..
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
ठोकर खाया हुआ दिल है साहब भीड़ से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है.
उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!
एक नफरत ही हैं जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती हैं…वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो जिन्दगी बीत जाती हैं ।
कुछ भी झूठ हो सकता है, मगर अकेले में बहाए आँसू नहीं.
दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन,ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!
कभी अकेले रह कर देखना, लफ़्जों से ज्यादा आँसू निकलते हैं.
कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे
कुछ ख्वाहिंशे कुछ चाहते अभी बाकी है..❣️❣️टूटकर भी लगता है … टूटना अभी बाकी है
रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते हैं...अब तेरा ज़िक्र होने पर हम बात बदल देते हैं ..
शिकायत जिन्दगी से नहीं , उनसे है जो जिन्दगी में नहीं है .
तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा , वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!
उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये
यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
अजीब खेल है ये मोहब्बत का किसी को हम न मिले कोई हमें ना मिला |
ना ढूंढ मेरा किरदार दुनिया के भीड़ में, वफ़ादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते है..💯💯
आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की , हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.
दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
Maybe i should learn not to get too attached.
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए , हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......
At Childhood we cry loudly to get what we like, but when Grown up we cry silently to forget what we like.
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..