नटखट कान्हा की मुस्कान से, आपके जीवन में फैले मधुरता। प्रेम, शांति और खुशहाली से भरा हो हर दिन, जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ, यही है हमारी कामना।
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।
चालाकी कहा मिलती है मुझे भी बताओ दोस्तों, हर कोई ठग लेता है जरा सा मीठा बोल कर.😊
Sometimes, letting go is the best thing you can do
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
Alone doesn’t mean lonely.
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
ज़िन्दगी में मंज़िले तो मिल ही जाती हैं ! लेकिन वो लोग नहीं मिलते जिन्हें दिल से चाहा हो ! 💯💯
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
i need someone who never change
उसे ये कोन बतलाये, उसे ये कोन समझाए कि खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है
Songs explain what i can’t explain
मुलाकात बनकर मिला था मुझ से कोई बड़ी जल्दी गुजर गया वक़्त की तरह.
It's about who stays, not who promised.
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
जाने का कोई इरादा नहीं था, पर रुककर भी क्या करते, जब तू ही हमारा नहीं था 💔
Saying that you're okay is much easier rather than explaining all the reasons why you're not .
बस एक बार , उलझना है तुमसे, बहुत कुछ , सुलझाने के लिये
जरुरी नहीं है कि काम से ही इंसान थक जाए कुछ ख्यालो का बोझ भी, इंसान को थका देता है.
Silence is better than explaining
उदास छोड़ गया वो मुझको , खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
Maybe i should learn not to get too attached.
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
अल्फ़ाज़ के कुछ तो कंकर फ़ेंको, यहाँ झील सी गहरी ख़ामोशी है।”
अंदर तक तोड़ देते हैं, वो आंसू जो रात के अंधेरे में चुपचाप निकलते हैं.
इस छोटी सी उम्र में कितना कुछ लिख दिया मैंने, उम्रें लग जायेंगी, तुम्हे मुझे पूरा पढ़ने में।
फिर आ जाओ ज़िन्दगी में मैं फिर से जीना चाहती हूँ
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
जिन्दगी न जाने किस मुकाम तक पहुँच गई है, तन्हाई में रोना पड़ता है और महफ़िल में हँसना पड़ता है||
माना कि तुझसे दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है