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"तू मेरी चाहत का एक लफ्ज़ भी नहीं पढ़ सकी ! और मैं तेरे दिए हुए दर्द की किताब को रोज़ पढ़ते पढ़ते सोता हूँ !!"

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

im sorry, im really sorry for being me

ढूंढ़ रहा हु लेकिन नाकाम हु अभी तक, वो लम्हा जिस में तुम याद ना आये,

वक़्त बहुत कुछ छीन लेता है खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कुराहट थी

ज़िक्र करते है तेरा हवाओं से अब, ये तूफ़ान बनके तेरे शहर से गुज़रे तो माफ़ करना. 💝💝💝

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

"मुझे ये ‎❤ दिल‬ कि बीमारी‬ ना होती ‎अगर‬ तू इतनी ‪#‎प्यारी‬ ना होती..."

हालातों ने खो दी इस चेहरे की मुस्कान, वरना जहाँ बैठते थे रौनक ला दिया करते थे।

मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना, बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने!!

कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके

इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना , सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं

रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं😔

Alone doesn’t mean lonely.

What you see isn’t always the whole truth.

लोग कहते है के जब कोई अपना दूर चला जाए तो तकलीफ होती है, परन्तु असली तकलीफ तोह तब होती है जब कोई अपना , पास होकर भी दूरियां बना ले !

I hate seeing you because you bring back the feelings I tried so hard to forget.

भूल जाना तो जमाने की फितरत है, पर तुमने शुरुआत हमसे ही क्यों की.

I never feel alone bcz loneliness is always with me

मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नहीं करते, वो प्यार क्या करेंगे।💔💔

I have a lot of unsaid thoughts

इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!

मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं

मुसाफ़िर कल भी थी मुसाफ़िर आज भी है, कल अपनों की तलाश में थी आज अपनी तलाश में हूँ!!!🌹

जिन्दगी न जाने किस मुकाम तक पहुँच गई है, तन्हाई में रोना पड़ता है और महफ़िल में हँसना पड़ता है||

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं, कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !

बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने, फिर हुआ सच बोलने का नशा और हम लावारिस हो गए..

किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!

मेरे ज़ज्बात की कदर ही कहाँ, सिर्फ इलज़ाम लगाना ही उनकी फितरत है !!

मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है💔