तबाहियों का दौर है जनाब, शांति की उम्मीद हमसे मत रखना!👿
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
कुछ वक़्त खामोश होकर भी देख लिया हमने, फिर मालूम हुआ कि लोग सच में भूल जाते है
मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी , उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी , कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है
कितना भी मुश्किल क्यूँ न हो सफ़र जिंदगी का, मोहब्बत का साथ मिले तो आसानी से कट जाता है !
साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...
पता नहीं सुधर गया के बिगड़ गया, ये दिल अब किसी से बहस नहीं करता..!
If you don't want me , don't mess with my feelings .
कैसी है मुहब्बत तेरी महफिल में मिले तो अनजान कह दिया !! सन्हा जो मिले तो जान कह दिया..
I hate seeing you because you bring back the feelings I tried so hard to forget.
फ़ासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना, मुहब्बत💗बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती👏…!!
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...
शुक्र है दिल सिर्फ धड़कता है, बोलता तो कयामत आ जाती.
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
Just a year ago, things were so different.
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
Just because I let you go, doesn’t mean i wanted to.
Its better to just quietly miss someone rather than let them know and just get no response.
हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं साहब, कोई वक़्त पर लौटता नहीं हैं इसलिए घाटे मे है .
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है💔
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
Thinking about you never ends
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है , कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
वक़्त बहुत कुछ छीन लेता है खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कुराहट थी
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.
जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....
याद रखना भी हिम्मत का काम है, क्यूंकि भूल जाना तो आजकल आम है !!