जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ, मेरी प्यारी! तुम मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत अध्याय हो। तुम्हारी हर मुस्कान मेरे दिल को छू जाती है। तुम्हारा हर सपना सच हो। 🥰🎉❤️
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
छोड़ दिया अब हमनें उस बेवफा का इंतजार करना दोस्तों जब रात गुजर सकती है तो ज़िंदगी भी गुजर जाएगी
Just because a relationship is over, doesn't mean the feelings are.
जो फ़ुरसत मिली तो मुड़कर देख लेता मुझे एक दफा तेरे प्यार में पागल होने की चाहत मुझे आज भी हे !
It scares me how temporary everything is
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका
खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
ये जो ज़िन्दगी है ना . तेरे बिन अधूरी है
Hiding your feelings isnt the easy way out but sometimes its the only thing you can do.
my “okay” will never be okay
आखिर में खतम हो ही गए, वो रिश्ते उन लोगों से जिन्हे मिलके ये लगा था, की ये लोग जिन्दगी भर साथ देंगे |
कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
बहुत याद आते हो तुम , दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये
Tired, sad and overthinking
मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
Every time you ignore me, i regret every text message that i have ever sent you.
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
ठोकर खाया हुआ दिल है साहब भीड़ से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है.
You broke my heart, but i still love you with all the pieces.
कैसे कह देते हैं लोग रात गई बात गई, यहां जमाने गुज़र जाते हैं दिल पर लगी बात को भुलाने में |
i wanna be okay, i wanna feel fine
कुछ खामोश कुछ गुमशुदा से हैं, हम आज तेरे बिन खुद से जुदा जुदा से हैं हम 🥺🥺
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...
कितने शौक से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम
पहले तुम ही दुनिया लगते थे.. अब तुम भी दुनिया निकले..!!
बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था, था तो ख्वाब, मगर हसीन कितना था |
अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?
कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी,कुछ चलते फिरते से है हम।