चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये, बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये |
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...
जबरदस्ती की नजदीकियों से सुकून की दूरियां ही अच्छी हैं.!
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता , पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
I don't regret my past. I just regret the time I've wasted with the wrong people.
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
I overthink because I notice everything
बुरा नहीं हूँ मैं मेरी भी कुछ कहानी है, टूट चुका हूँ मैं, अपनो की मेहरबानी हैं.😊💔
We may Forget the person but memories stay there forever
माना कि तुझसे दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है
i wanna be okay, i wanna feel fine
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका
Promise we break them , Memories They break us .
मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना, बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने!!
ख्वाब चुभते रहते है, आंखों में सारी रातभर, वो पूछते रहे वजह आँखो के लाल होने की ! ❤️
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
Maybe i should learn not to get too attached.
कई बार ये सोचके दिल मेरा रो 😢 देता है, की मुझे ऐसा क्या पाना था जो मैंने खुद को भी खो दिया |😔
My thoughts always destroy my mood
सब ख़फ़ा है मेरे लहजे से...पर मेरे हाल से कोई रूबरू तक न हुआ.....
You should step in my shoes and walk a mile. Then maybe you'll see how hard it is to hold back tears and fake a smile.
Every time you ignore me, i regret every text message that i have ever sent you.
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था, साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….!!!
फिर आ जाओ ज़िन्दगी में मैं फिर से जीना चाहती हूँ
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
यहाँ तो खुद से ही मिले जमाना हो गया ... और लोग कहते है कि हमें भूल गये हो तुम ...
जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...
बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!