Skip to Content

कब तक बातों से दिल ❤️ बहलायें,अब वो मुझे रूबरू चाहिए !! 😊

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

ना ढूंढ मेरा किरदार दुनिया के भीड़ में, वफ़ादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते है..💯💯

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है,मजबूरी नहीं।

हमें भी शौक था दरिया -ऐ इश्क में तैरने का, एक शख्स ने ऐसा डुबाया कि अभी तक किनारा न मिला.

बिन धागे की सुई सी बन गई है ये ज़िंदगी ...सिलती कुछ नहीं ... बस चुभती चली जा रही है ...

i still remember our last eye contact

जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला

"अकेले कैसे रहा जाता है , कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है

वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से, दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया!!❤️

खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.

किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!

कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!

फैसला ! नहीं हो पा रहा, तनहा ! रात है या मै ...

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया

न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!

बनावटी रिश्तो से ज्यादा, सुकून देता है अकेलापन |

बड़ी कश्मोकश है इन दिनो ज़िन्दगी में...किसी को ढूंढते फिर रहे हैं हर किसी में....

उसने‬ कहा तुम सबसे ‪‎अलग‬ हो, ‪‎सच‬ कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |

मुसाफ़िर कल भी थी मुसाफ़िर आज भी है, कल अपनों की तलाश में थी आज अपनी तलाश में हूँ!!!🌹

ज़िंदगी में प्यार क्या होता है ये उस शक्स से पूछो जिसने दिल टूटने के बाद भी इंतज़ार किया हो

वक़्त बहुत कुछ छीन लेता है खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कुराहट थी

बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..

वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।

कभी अकेले रह कर देखना, लफ़्जों से ज्यादा आँसू निकलते हैं.

आज कल लोगो को अपना प्यार भी, Free_Time पर याद आता हैं !! 💯

लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

काश वो भी आकर हम से कह दे , मैं भी तन्हाँ हूँ , तेरे बिन, तेरी तरह , तेरी कसम , तेरे लिए...!!

कैसे गुज़र रही है सब पूछते है , कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |

बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...