इश्क़ की पतंगे उड़ाना छोड़ दी हमने वरना, हर हसीना की छत पर हमारे ही धागे हुआ करते थे।😎
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |
आज परछाई से पूछ ही लिया , क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा ,और कौन है...तेरे साथ !!
किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!
होने दो जरा उन को भी तनहा.... याद हम भी उन्हें बेहिसाब आएंगे..
गुजर तो जायेगी जिन्दगी उसके बगैर भी लेकिन तरसता रहेगा ये दिल प्यार करने वालो को देखकर
हर रोज तेरी यादों का हिसाब कर लेता हूं, मैं थोड़ा हंस लेता हूं; थोड़ा रो लेता हूं मैं ||
No matter how strong you are, there's always someone who can make you weak.
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...
Everyone deserves a person that can make their heart forget that it was ever broken.
दिल मेरा उसने ये कहकर वापस कर दिया... दुसरा दिजीए... ये तो टुटा हुआ है....
कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता , एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...
नुक्स निकालते है वो इस कदर हम मे , जैसे उन्हे खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले 😔
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...
मुझे इन्तजार था कि तुम समझो मुझको तुमने समझा दिया कि बस इन्तज़ार करो |
मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है,मजबूरी नहीं।
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!
उसे ये कोन बतलाये, उसे ये कोन समझाए कि खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है
दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.
आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....
रात नई हैं,यादें पुरानी!
बहुत याद आते हो तुम , दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये
बिन धागे की सुई सी बन गई है ये ज़िंदगी ...सिलती कुछ नहीं ... बस चुभती चली जा रही है ...
अनुभव कहता है, खामोशियाँ ही बेहतर है. शब्दो से लोग रूठते बहुत है।
जरुरी नहीं है कि काम से ही इंसान थक जाए कुछ ख्यालो का बोझ भी, इंसान को थका देता है.
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।
lying in your bed, thinking of one person and remembering all those Memories and then realize that they might never happen again.
वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया , जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .