असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक, यह दशहरा पर्व। आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन हो। नई शुरुआत के साथ, विजयदशमी की शुभकामनाएँ!
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
आज परछाई से पूछ ही लिया , क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा ,और कौन है...तेरे साथ !!
सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं
वक़्त बहुत कुछ छीन लेता है खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कुराहट थी
मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
खुद से बातें करने लगी हूँ, वैसे भी आजकल लोग सुनते कहाँ हैं ,
कैसे कह देते हैं लोग रात गई बात गई, यहां जमाने गुज़र जाते हैं दिल पर लगी बात को भुलाने में |
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए , हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
मुझको छोड़ने की वजह तो बता देते, मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हज़ार थे !! 🥺
बड़ी सादगी से उसने कह दिया, रात को सो भी लिया कर…. रातो को जागने से मोहब्बत लौट नहीं आती
बहोत याद आते हो तुम, दुआ करो,मेरी याददाश्त चली जाये..!
Thinking about you never ends
यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ ,तेरे बिन, तेरी तरह , तेरी कसम , तेरे लिए !
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
''Never search your happiness in other , it will makes you feel none search it in yourself you will feel happy even when you are left alone''
कभी सोचा नहीं था, वो भी मुझे तनहा 🥺 कर जाएगी, जो परेशान देख कर अक्सर कहती थी, मैं हूँ ना... ❤️
Remember when i said i am fine? Yeah, I lied.
बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था, था तो ख्वाब, मगर हसीन कितना था |
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
नफ़रत की एक बात अच्छी लगी मुझे, ये मोहब्बत की तरह झूठी नहीं है साहब !!💯❤️
sadly, i'm not enough for the person who i considered my everything
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा
दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.
मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
दुनिया आज भी मेरी दीवानी है और एक हम है कि उनके इंतज़ार में तन्हा बैठे रहते है।
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
किसी को क्या बताएं कितने मजबूर हैं हम , चाहा है एक तुम्हें और तुम्ही से दूर है हम
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है , कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |