अंधेरा मिटे, ज्ञान का दीप जले हर घर में, खुशियाँ बिखरे, प्रेम पले हर डगर में। दिव्य आशीषों से भरा हो आपका हर पल, यह पर्व लाए जीवन में नव उत्साह और बल।
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!😒
वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......
I just want to stop thinking and sleep.
हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं साहब, कोई वक़्त पर लौटता नहीं हैं इसलिए घाटे मे है .
मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
हर रोज तेरी यादों का हिसाब कर लेता हूं, मैं थोड़ा हंस लेता हूं; थोड़ा रो लेता हूं मैं ||
एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।
उनकी जब मर्जी होती है तब हमसे बात करते हैं, और हम पागल पूरा दिन उनकी मर्जी का इंतज़ार करते हैं|
My silence means I'm tired of everything
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
फ़ासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना, मुहब्बत💗बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती👏…!!
सच कहा था किसी ने कि तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है |
कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके
अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है
याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था, साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….!!!
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
मुद्दतें हो गईं हैं चुप रहते , कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते
तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है,नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।
वादों की तरह इश्क भी आधा रहा, मुलाकातें कम रही इंतजार ज्यादा रहा.
What you see isn’t always the whole truth.
मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना, बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने!!
कोरा कागज़ था और कुछ बिखरे हुए लफ़्ज़... ज़िक्र तेरा आया तो सारा कागज़ गुलाबी हो गया...!
एक नफरत ही हैं जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती हैं…वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो जिन्दगी बीत जाती हैं ।
खुद से बात कर के खुद से ही झगड़ता हूँ, तुम्हारे जाने के बाद अंदर से कितना उलझता हूँ....
हमें भी शौक था दरिया -ऐ इश्क में तैरने का, एक शख्स ने ऐसा डुबाया कि अभी तक किनारा न मिला.
सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |
If you don't want me , don't mess with my feelings .