दिलों से खेलना हमे भी आता है, पर जिस खेल में खिलौना टूट जाये, वो खेल हमे पसंद नही.....!

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

छोङ देता, लेकिन जीत मेरी जिद है, और जिद का मै बादशाह हूँ..

कभी-कभी कुछ रिश्तों से बाहर आ जाना ही अच्छा होता है, EGO के लिए नही, SELF-RESPECT के लिए...

कोई नाराज है तो रहने दो पैरो में गिरकर जिना हमे भी नही आता..!

जिस दिन वक़्त मेरा होगा तू सोच भी नहीं सकता तेरा क्या होगा |😠

मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे हैं !🥱

आदत हो गई है नफरत की अब मोहब्बत अच्छी नहीं लगती।

हमारा Style और Attitude ही कुछ लग है, बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे..😎

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे , क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

If there is no one to hold your hand put your hands in your pocket and continue your walk.

"Show me you're interested, and I'll ignore you. Ignore me and I'll run after you. — Men."

I dont trust easily, so when I tell you I trust you, please dont make me regret it.

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

झुको केवल उतना ही जितना सही हो , बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है

अच्छा हुआ की तुमने मुझे छोड़ दिया, मुझे तेरा प्यार चाहिये था, तेरा एहसान नहीं।😎

खामोशी की बडी किमत चूकाते देखा है, डरे हुए लोगों को पुरा शहर जलाते देखा है |

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरो की तरह ये आदत नहीं हमारी |❤️‍🔥

तुम जलते रहोगे आग की तरह,और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

नसीब के आगे जुकूंगा नहीं, थककर जरूर बैठा हूं मगर रूकूंगा नहीं |💪☺️

दुनिया खामोशी भी सुनती हैं, लेकिन पहले धूम मचानी पड़ती हैं. 😠

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया , वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

बेटा झूले पर झूलो लेकिन,😎 हम बाप हैं तुम्हारे हमे ना भूलो।😜

Stop faking just be real

औकात सोच से बनती है, पैसों से नही |

उन हवाओं से भी जल्द सामना होगा, जो आजकल हमारे खिलाफ चल रही है !

पिंजड़े में बंद करने से शेर गीदड़ नहीं बन जाता। जब शेर बहार आता है तो शिकारी खुद शिकार बन जाता है।🐅🔥

मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे