जो खोटे सिक्के कभी न चले बाजार में, वो कमियां ढूंढ रहे हैं हमारे किरदार में!
जंगल में शेर दहाड़ता नहीं..उसकी ख़ामोशी दहसत मचाती हैं 🐅
हमसे दूर रहा करो, लोग हमें मतलबी कहते हैं.
लोगो से कहदो हमारी तक़दीर से जलना छोड़ दें, हम घर से दौलत नहीं माँ की दुआ लेकर निकलते हैं
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
जहाँ कोशिशों का कद बड़ा होता है, वहाँ नसीबों को भी झुकना पड़ता है. 👍
जो “दोगे” वही लौट कर आएगा, चाहे वह “इज्जत” हो या “धोखा”..💯
ग़लतफहमी में है बेटा , के तेरा राज़ है,आके देख ले यहाँ कौन किसका बाप है !
ना साथ है किसी का ना साथ है कोई ना हम है किसी के ना हमारा है कोई 🙏🙏
जमाने में इतना दम कहा जो हमे मिटायें, जमाना हमसे है हम जमाने से नही |
साथ बैठने की औकात नहीं थी उसकी, जिसको मैंने सर पर बिठा रखा था..!!😠
रहने की कुछ बेहतरीन जगहों में से, एक जगह अपनी औकात भी है….!!💯
Im not selfish but whats Mine is MINE . End of story
अभी तो हम मैदान में उतरे भी नहीं और लोगों ने हमारे चर्चे शुरू भी कर दिए ..!
कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं
शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला
जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन, क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने, न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले ......!
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
Two fundamentals of cool life – Walk like you are the king OR walk like you don’t care ,who is the king.
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है
अब नहीं है, हमे किसी के लौटने का इंतज़ार जो मेरे थे वो मेरे साथ है, जो नहीं थे वो आजाद है...🙏🙏
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
I'm Not a Tumblr Girl, But I'm Beautiful
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है..
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
दहशत बनाओ तो शेर जैसी, बरना खाली डराना तो कुत्ते भी जानते है |💯
समझा दो उन समझदारों को…कि कातिलों 🗡️ की गली में भी दहशत हमारे 👿 ही नाम की ही है |
में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा
लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं