Sometimes, only pain and patience can prove it.

काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ ,तेरे बिन, तेरी तरह , तेरी कसम , तेरे लिए !

“जो रहते हैं दिल में, वो जुदा नही होते, कुछ अहसास लफ़्ज़ों में बयान नही होते

जिन्हें पता होता हैं। की अकेलापन क्या होता हैं । ऐसे लोग दुसरो के लिए । हमेशा हाज़िर रहते हैं ।

अजब पहेलियाँ हैं हाथों की लकीरों में सफ़र ही सफ़र लिखा हैं हमसफ़र कोई नहीं |

कोई ठुकरा दे तो हसकर जी लेना, क्यूकि मोहब्बत की दुनिया में जबरदस्ती नहीं होती !

Another month. Another year. Another smile. Another tear. Another winter and another summer too. But there can never be another you.

ज़ारो चेहरों में एक तुम दिल को अच्छे लगे, वरना ना चाहत की कमी थी ना चाहने वालो की.

शब्द ...मन ..जज़्बात , एक एक करके सब खामोश हो गए

I just want to stop thinking and sleep.

नफ़रत की एक बात अच्छी लगी मुझे, ये मोहब्बत की तरह झूठी नहीं है साहब !!💯❤️

नुक्स निकालते है वो इस कदर हम मे , जैसे उन्हे खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले 😔

तू उदास मत हुआ कर इन हज़ारो के बीच आखिर चांद भी तो तन्हा है सितारों के बीच |

My thoughts always destroy my mood

आज कल लोगो को अपना प्यार भी, Free_Time पर याद आता हैं !! 💯

आज परछाई से पूछ ही लिया , क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा ,और कौन है...तेरे साथ !!

मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.

तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है , पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !

No matter how hard you try, Some people will never change.

शिकायत जिन्दगी से नहीं , उनसे है जो जिन्दगी में नहीं है

चालाकी कहा मिलती है मुझे भी बताओ दोस्तों, हर कोई ठग लेता है जरा सा मीठा बोल कर.😊

Sometimes i wish i could just literally sleep the whole day so i don't have to deal with life and all its crap.

We may Forget the person but memories stay there forever

कितना खुश था कभी मैं खुद की ही दुनियाँ में..... ये गैरों की मोहब्बत ने मुझे तबाह कर दिया।

वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।

दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं

खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.

माना कि तुझसे दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है

क्या गिला करें उन बातों से​ ​क्या शिक़वा करें उन रातों से​​​ ​​कहें भला किसकी खता इसे हम​ ​​कोई खेल गया फिर से जज़बातों से

डाल कर...आदत बेपनाह मोहब्बत की...अब वो कहते है...कि...समझा करो वक़्त नही है...