Status / Love
Welcome to our Love category, where we delve into the intricate tapestry of human emotions. From romantic tales to heartfelt connections, explore the various dimensions of love that enrich our lives. Join us on a journey through stories, advice, and insights that celebrate the beauty of love in all its forms.
जिसके बदले तुम मिल जाओ, ऐसा कोई गुनाह करना चाहता हूँ.
समझ जाते वो अगर हमारी चाहत को, तो हम उनसे नहीं वो हमसे मोहब्बत करते.
कभी बेपनाह बरस पड़ी कभी गुम सी है, यह बारिश भी कुछ कुछ तुम सी है.
कोई अजनबी ख़ास हो रहा है, लगता है फिर से प्यार हो रहा है..!
वो इश्क़ ही क्या जिसमे हिसाब हो, मोहब्बत हमेशा बेहिसाब होती है.
कभी फुर्सत मिले तो सोचना, क्यूँ एक लापरवाह लड़का तुम्हारी इतनी परवाह करता था.
गुलाब तो नहीं दिया कभी हमने लेकिन, मोहब्बत गुलाब देने वालो से ज्यादा थी.
तेरा मेरा रिश्ता ताले चाबी जैसा है, कोई और आया तो तोडना ही पड़ेगा..!
कुछ तो बात है मोहब्बत में वरना एक लाश के लिए कोई ताजमहल नहीं बनाता |
ख्वाइश है की पूरी ये ख्वाइश हो जाए, वो छाता एक ही लाए और बारिश हो जाए.
खुदा करे वही बात उसके दिल में हो, जो बात करने की हिम्मत जुटा रहा हूँ मैं.
जिसे सोचकर ही चेहरे पर ख़ुशी आ जाए वो खूबसूरत एहसास हो तुम.
मुझे आज भी याद है तुम्हारा वो मुझसे पहली बार बात करना |
नहीं करता मैं तेरा जिक्र किसी तीसरे से, तेरे बारे में बात सिर्फ खुदा से होती है.
किसी और कि तारीफ क्या करना जब मेरा हमसफ़र ही लाजवाब है |
अगर मैं लहर बनूं, तुम किनारा बनना अगर मैं बहक जाऊं तो तुम सहारा बनना |
मैं ख़ुशी तलाश कर रहा था और मुझे तुम मिल गए |
रूठना हुस्न का हक है मनाना आशिक की इबादत |
इश्क ना सही फिकर है तू ना सही तेरा ज़िकर है |
प्यार पहला हो या दूसरा फर्क नहीं पड़ता बस प्यार सच्चा होना चाहिए |
कुछ साथ यकीन दिलाते हैं की प्रेम वाकई खूबसूरत है |
लोग शक्ल की बात करते हैं, मुझे तो तेरी आवाज से भी प्यार है |
इश्क़ होना था हो गया, अब किसी दूसरे का हो जाना, मुमकिन नहीं है..!
मै ज़िंदगी गिरवी रख दुंगा, तु सीर्फ कीमत बता मुस्कुराने की.
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना, जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी.
तुम किताब-ए-इश्क़ तो बनो, पन्नो पर मोहब्बत हम भर देंगे.!
सुकून क्या है हम नहीं जानते, शायद ये वो है जो आपको याद कर के मिलता है.!
सुनो, अपनी हद में रहो, बेहद याद आने लगे हो तुम.!
सच्चे रिश्ते कुछ नहीं मांगते, सिवाय वक़्त और इज्ज़त के |
हम दोनों एक ही किताब में रहेंगें, तुम गुलाब के जैसे, मैं खुशबू की तरह.